May 19, 2024

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दुश्मन देश के ड्रोन को पहचान कर जाम करेगा ‘वज्र’, आईआईटी में देशभर के स्टार्टअप्स ने लगाई प्रदर्शनी

कानपुर आईआईटी के सीथ्रीआई से वित्त पोषित स्टार्टअप बिग बैंग बूम सॉल्यूशन की ओर से तैयार एंटी ड्रोन डिफेंस सिस्टम ‘वज्र’ दुश्मन देश के ड्रोन को पहचानने और जाम करने में मददगार होगा। इससे डिफेंस और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में ड्रोन के हमलों से बचाव हो सकता है। देशभर से कई ऐसे ही स्टार्टअप शुक्रवार को दो दिवसीय टेक्नोफेस्ट अभिव्यक्ति-2024 में प्रस्तुत किए गए।  इसका आयोजन आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप, इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेल (एसआईआईसी) की ओर से किया गया है।

इसमें अधिकतर स्टार्टअप आईआईटी कानपुर से इंक्यूबेटेड या वित्त पोषित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त कमिश्नर अमित गुप्ता, स्पेशल सेक्रेटरी रवि रंजन, आईआईटी निदेशक प्रो. एस गणेश, एसआईआईसी के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. अंकुश शर्मा, प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय और एसआईआईसी के सीईओ निखिल अग्रवाल ने किया। ऑडिटोरियम के बाहर लॉन में स्टार्टअप का शो केस किया गया।  हेल्थ, फिनटेक, बायोटेक, साइबर सिक्योरिटी से संबंधित कई स्टार्टअप ने अपने इनोवेटिव आइडिया को रखा।

बिग बैंग बूम सॉल्यूशन के वाइस प्रेसीडेंट जियो जार्ज फिलिप ने बताया कि एआई की मदद से ‘वज्र’ दुश्मन देश की रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचानेगा। 17 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन ड्रोन की पहचान कर उसे 13 किमी दूर जाम कर देगा। उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने 200 करोड़ रुपये का फंड दिया है। इसके तहत आर्मी और एयरफोर्स क्षेत्र के लिए 50 यूनिट ‘वज्र’ तैयार करने हैं। बड़े गैस प्लांट, रेलवे, एयरपोर्ट, स्टेडियम सहित अन्य में भी इसका इस्तेमाल हो सकेगा।

ये स्टार्टअप रहे प्रमुख

मनोदयम: आपकी आवाज बताएगी मन का दर्द
आपकी आवाज अब आपके मन के दर्द को बयां करेगी। आईआईटी कानपुर में लगे शो केस में मनोदयम स्टार्टअप की मदद से ऐसा संभव होगा। स्टार्टअप के फाउंडर और सीईओ संजय भारद्वाज और को-फाउंडर संजय धर ने बताया कि मोबाइल पर एप को डाउनलोड करके आपके मानसिक स्तर का पता लगाया जा सकता है। एप के माध्यम से पूछे जाने वाले सवालों का जवाब आपको बोलकर देना होगा। जवाब सुनकर आपके मानसिक तनाव के स्तर की जांच हो सकेगी। मात्र 30 सेकेंड में इसका परिणाम भी सामने आएगा। 1-5 के बीच अंक आने पर मानसिक स्थिति सामान्य, 6-9 आने पर हल्का गंभीर 10 से 19 आने मध्यम गंभीर और 20-27 आने पर गंभीर आंकी जाएगी। संजय ने बताया कि चार हफ्ते के भीतर यह एप बाजार में आ जाएगा।

30 सेकेंड में मशीन बताएगी पानी की गुणवत्ता
अब पानी की जांच के लिए महीनों तक रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत नहीं हैं। एक बटन दबाते ही पानी की गुणवत्ता का पता चल सकेगा। आईआईटी कानपुर इंक्यूबेटेड स्टार्टअप क्लिस इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक पर संचालित होता है। इसके फाउंडर राबिन सिंह हैं। चीफ रेवन्यू ऑफिसर राजेश ने बताया कि जिस पानी की जांच करनी है, उसका सैंपल लेकर इस मशीन में लगा दिया जाता है। बटन दबाते ही 30 सेकेंड के भीतर पीएच, टीडीएस, एफआरसी, लेड, आयरन, क्लोराइड, नाइट्रेट की जानकारी मिल जाएगी। राजेश ने बताया कि उनका जल शक्ति मंत्रालय के साथ टाइअप हो चुका है।

मासिक धर्म के दर्द को झट से दूर करेगा आयुर्वेदिक जेल
आईआईटी कानपुर से इंक्यूबेटेड स्टार्टअप अब महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान उठने वाले दर्द से निजात दिलाएगा। फाउंडर संदीप व्यास ने बताया कि 199 रुपये का आयुर्वेदिक जेल है, जिसे पेट के निचले हिस्से में लगा लेने से दर्द में आराम मिलता है। इसके अलावा मेंस्ट्रुअल कप और यूरिनेटर डिवाइस भी बनाई है।

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