सार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोहरा भले ही कुछ कम हुआ हो, लेकिन शीतलहर और सर्द हवाओं ने ठंड को और कष्टदायक बना दिया है। मेरठ सहित कई जिलों में रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। नए साल की शुरुआत में भी कड़ाके की सर्दी जारी रहने के संकेत हैं, हालांकि कोहरा कम होने से दृश्यता में सुधार हुआ है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश इन दिनों सर्दी के कहर से जूझ रहा है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बागपत जैसे जिलों में मंगलवार को कोहरे की मोटी चादर कुछ पतली जरूर हुई, लेकिन उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाओं के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह और रात में ठिठुरन इतनी है कि लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं।
प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किलें ठंड के साथ हवा में प्रदूषण का स्तर भी ऊंचा बना हुआ है। खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों ने मास्क पहनने और घर से कम निकलने की सलाह दी है।
जनजीवन प्रभावित शीतलहर से दिहाड़ी मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे व्यापारियों का कारोबार ठप हो गया है। सुबह की धुंध और कम दृश्यता से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी है, जिससे यातायात जाम की स्थिति बन रही है।
नए साल पर भी ठंड बरकरार मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 30-31 दिसंबर से सक्रिय हो रहा है, जिससे हिमालयी क्षेत्र में हल्की बारिश/बर्फबारी हो सकती है। मैदानी इलाकों में इससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। मेरठ में आज न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री सेल्सियस (लगभग 45-46°F) और अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस (66°F) के आसपास रहने का अनुमान है। नए साल (1 जनवरी) पर भी न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के करीब रहेगा, जबकि दिन में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। राहत की कोई बड़ी उम्मीद नहीं है।
लोगों से अपील है कि गर्म कपड़े पहनें, अलाव का सहारा लें और स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

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