जिले के नवाबगंज थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर (दरोगा) अमर पटेल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की देवीपाटन मंडल की ट्रैप टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम का हिस्सा है।
मामला क्या है?
- आरोपी बृजेश यादव (निवासी: विश्नोहरपुर गड़रियन पुरवा, नवाबगंज) ने बताया कि 23 दिसंबर को हरिश्चंद मिश्र ने नवाबगंज थाने में दंगा भड़काने और अन्य आपराधिक धाराओं में FIR दर्ज की थी।
- इसमें बृजेश यादव समेत 5 लोगों को नामजद किया गया था। जांच की जिम्मेदारी दरोगा अमर पटेल को मिली।
- दरोगा ने बृजेश से मुलाकात की, FIR में जानलेवा हमले की धारा बढ़ाकर जेल भेजने की धमकी दी और नाम हटाने के बदले 10 हजार रुपये मांगे।
- बृजेश ने रकम कम करने की कोशिश की, लेकिन दरोगा नहीं माने। फिर उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की।
- टीम ने केमिकल लगे नोट दिए। मंगलवार दोपहर नवाबगंज ब्लॉक परिसर में दरोगा ने पैसे लिए तो टीम ने तुरंत दबोच लिया।
ट्रैप टीम के प्रभारी धनंजय सिंह ने पुष्टि की कि आरोपी दरोगा को बुधवार (1 जनवरी 2026) को गोरखपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ वजीरगंज थाने में FIR दर्ज की गई है।
पहले भी लगे थे आरोप
दरोगा अमर पटेल पर पहले भी घूस मांगने का आरोप लगा था। तुलसीपुर माझा निवासी रामदेव यादव ने पेड़ कटवाने और मिट्टी के अवैध खनन की शिकायत CM पोर्टल पर की थी। शिकायतों से नाराज दरोगा ने उन्हें हवालात में डाल दिया और छोड़ने के बदले 4 हजार रुपये मांगे थे। साथ ही फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।
यह घटना 2025 के अंत में उत्तर प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयों का हिस्सा है, जहां कई अन्य दरोगाओं और अधिकारियों को भी इसी तरह ट्रैप किया गया। ऐसी घटनाएं आम जनता के विश्वास को मजबूत करती हैं कि कानून सबके लिए बराबर है।
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