गोंडा। नए साल की पूर्व संध्या पर गोंडा जिले में ठंड ने अपने पूरे रंग दिखाए। मंगलवार को कोहरे का असर कुछ कम जरूर हुआ, लेकिन लगातार चल रही पछुआ (उत्तर-पश्चिमी) सर्द हवा और गलन ने लोगों की ठिठुरन को और बढ़ा दिया। जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी गई।
मौसम का हाल
जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव के अनुसार:
- अधिकतम तापमान: 18.2 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: 9 डिग्री सेल्सियस
- हवा की गति: करीब 5 किमी/घंटा
दोपहर बाद मौसम साफ दिखा, लेकिन सर्द हवा के झोंकों ने राहत नहीं दी। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 1-2 दिनों में हल्की बूंदाबांदी के साथ बारिश हो सकती है, जिससे ठंड में और इजाफा हो सकता है। फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और हीटर के सहारे
सुबह-सुबह लोग घरों के बाहर अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आए। कई जगहों पर लोग घरों में हीटर चलाकर या गर्म कपड़ों में लिपटकर ठंड से जूझते दिखे। पोर्टरगंज जैसे इलाकों में अलाव के इर्द-गिर्द बैठे लोग ठंड से लड़ते नजर आए।
फसलों पर खतरा, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम के वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने चेतावनी दी कि लगातार नमी और धूप की कमी से आलू, मटर, सरसों, गोभी, टमाटर, बैंगन और अन्य हरी सब्जियों में रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। तिलहनी फसलों में पत्तियां पीली पड़ने और फूल गिरने की समस्या हो सकती है।
कृषि उपनिदेशक प्रेमकुमार ठाकुर ने किसानों को ये सावधानियां बरतने की सलाह दी:
- खेतों में जलभराव न होने दें, उचित जलनिकासी बनाए रखें
- मौसम साफ होने पर ही सिंचाई करें
- फसलों की रोजाना निगरानी करें
- रोग के शुरुआती लक्षण दिखें तो तुरंत कृषि विशेषज्ञ से संपर्क करें
- सब्जियों में फफूंदनाशक का छिड़काव करें
- तिलहनी फसलों में संतुलित उर्वरक का इस्तेमाल करें
स्वास्थ्य पर बुरा असर, मरीजों की संख्या में उछाल
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि ठंड के कारण सांस और हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ गई है।
- ओपीडी में रोजाना 70-80 पुराने मरीज आ रहे हैं (पहले 40-50 थे)
- ठंड से रक्त संचार प्रभावित होता है, जिससे जोड़ों और मांसपेशियों में अकड़न बढ़ जाती है
- सुबह के समय दर्द सबसे ज्यादा होता है
डॉक्टर की सलाह: ऊनी कपड़े पहनें, हल्का व्यायाम करें, संतुलित और गर्म आहार लें।
नए साल की शुरुआत में गोंडा के लोगों को अभी कुछ दिन और इस कड़कड़ाती ठंड से जूझना पड़ेगा। सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े, अलाव/हीटर और सतर्कता सबसे बड़ा हथियार हैं।
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