कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में गंगा पुल के नीचे शुक्रवार देर शाम 10 फीट लंबा मृत जलीय जीव मिलने से हड़कंप मच गया। इसका वजन करीब साढ़े तीन क्विंटल बताया जा रहा है। जाजमऊ पुलिस ने नाविकों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने इसे कब्जे में ले लिया और डॉल्फिन करार दिया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी ने इसे डॉल्फिन मानने से साफ इंकार कर दिया है।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का अनुमान है कि गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण इसकी मौत हुई हो सकती है। शव करीब दो-तीन दिन पुराना लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारण का पता चल सकेगा।
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि शव को वन विभाग के रेंजर राकेश पांडेय को सौंप दिया गया है।
विभागों में मतभेद
वन विभाग के अधिकारी इसे गंगा डॉल्फिन बता रहे हैं और प्रदूषण को मौत का कारण मान रहे हैं। जाजमऊ क्षेत्र में टेनरियां और अन्य उद्योगों से निकलने वाला प्रदूषित पानी गंगा में मिलता है, जिससे जल में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और जलीय जीवों की मौत हो सकती है।
दूसरी ओर, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन ने कहा, “यह डॉल्फिन नहीं लग रही, बल्कि किसी अन्य प्रजाति की मछली प्रतीत हो रही है। इस समय गंगा में प्रदूषण की मात्रा न के बराबर है। टेनरियां 31 दिसंबर से बंद हैं। ऐसे में प्रदूषण से मौत की बात सही नहीं लगती। मौत किसी अन्य कारण से हुई हो सकती है।”
माघ स्नान से पहले चिंता की स्थिति
तीन जनवरी से प्रयागराज में माघ स्नान शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक गंगा जल को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सतर्क है। ऐसे में जाजमऊ जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्र में इतने बड़े जलीय जीव की मौत ने चिंता बढ़ा दी है।
गंगा में पाई जाने वाली डॉल्फिन (सोंस) को राष्ट्रीय जलीय जीव का दर्जा प्राप्त है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार औसत डॉल्फिन की लंबाई 7-9 फीट और वजन 150-170 किलोग्राम तक होता है। 10 फीट लंबाई और साढ़े तीन क्विंटल वजन असामान्य लग रहा है, जिससे पहचान पर सवाल उठ रहे हैं।
यह घटना गंगा की पारिस्थितिकी और प्रदूषण नियंत्रण की प्रभावशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो जीव की सही पहचान और मौत के कारण को स्पष्ट करेगी।

More Stories
गोरखपुर में रिटायर्ड लेखपाल के घर डकैती का मामला: दो कुख्यात बदमाश गिरफ्तार, मुठभेड़ में घायल
गोरखपुर: वाणिज्य कर कार्यालय भवन में भीषण आग, वर्षों पुराने रिकॉर्ड जलकर राख –
वाराणसी में सिंथेटिक मांझा/नायलॉन धागे पर सख्ती: डीएम, सीपी और यूपीपीसीबी को कानूनी नोटिस