February 25, 2026

TNC Live TV

No.1 News Channel Of UP

पुनर्वास के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शिविर लगाएं, 31 मार्च तक तलशे पात्र

On the question of Banbhulpura railway encroachment rehabilitation, the Supreme Court said – set up camps

हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे जमीन मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य की तरफ से अधिवक्ताओं के तर्क को सुना। इसके साथ ही याचिका डालने वाले अधिवक्ताओं को भी सुना। राज्य की तरफ से पुनर्वास की बात कही गई और प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य योजनाओं के बारे में बताया गया। कोर्ट ने जिला प्रशासन से कहा कि 19 से 31 मार्च के बीच बनभूलपुरा में शिविर लगाकर पात्रों को तलाशा जाए। इसके बाद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में अगले डेर सबमिट करना होगा।

राज्य सरकार ने अपना हलफनामा भी पेश किया। पुनर्वास, मुआवजा और भूमि स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। रेलवे और राज्य सरकार की तरफ से बताया गया कि कुल 13 ऐसे मामले हैं जिनमें भूमि फ्रीहोल्ड श्रेणी की है। मुआवजा का प्रस्ताव रखा गया है। जिन लोगों को रेलवे भूमि से हटाया गया है, उनके लिए राज्य सरकार द्वारा वैकल्पिक आवासीय व्यवस्था दे सकती है। इसका भी प्रस्ताव है। रेलवे का कहना है कि जिन्हें हटाया गया वह सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से रह रहे थे। यह रेलवे की संपत्ति है। रेलवे ने अनुरोध किया कि हटाए गए लोगों के पुनर्स्थापन की मांग वाली याचिका को खारिज किया जाए।

याचिका कर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि प्रभावित होने वालों की कुल संख्या 50 हजार है। कम ही लोग प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में हैं। शेष परिवारों के पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। संबंधित भूमि राज्य सरकार की है और 60 से  70 साल से बसे लोगों की बस्तियों के नियमितिकरण पर विचार होना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपनी टिप्पणी भी की। अगली सुनवाई में पुनर्वास, मुआवजा और भूमि स्वामित्व के कानूनी पहलुओं पर चर्चा हो सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सार्वजनिक भूमि पर दावा किया जा रहा है।