
नैनीताल में मुस्लिम धर्म छिपाकर हिंदू धर्म के नाम पर युवती से जान पहचान बनाकर उसकी हत्या करने के मामले में न्यायालय ने ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान को दोषी करार दिया है। यह घटना 15 अगस्त 2021 की रात नैनीताल के एक होटल में हुई थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया।
अभियोजन के अनुसार, 16 अगस्त 2021 को श्वेता शर्मा ने मल्लीताल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में कहा कि वह अपनी दोस्त अलमास, सहेली दीक्षा निवासी नोएडा गौतमबुद्धनगर और उसके दोस्त ऋषभ उर्फ इमरान के साथ नैनीताल घूमने आई थीं। 14 अगस्त 2021 की शाम पांच बजे होटल गैलेक्सी में दो कमरे लिए थे। इनमें से एक में श्वेता और अलमास और दूसरे में ऋषभ उर्फ इमरान और दीक्षा रुके थे। 16 अगस्त को दीक्षा और ऋषभ उर्फ इमरान से संपर्क न होने पर उनके कमरे का दरवाजा खोला गया। कमरा खोलने पर दीक्षा बिस्तर पर मृत पाई गई। कमरे से ऋषभ उर्फ इमरान गायब था और उसका फोन भी बंद आ रहा था। श्वेता शर्मा ने बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान का असली नाम इमरान खान पुत्र इंतजाम उद्दीन है। आरोपी गाजियाबाद का निवासी है। उन्हें संदेह था कि दीक्षा की मौत ऋषभ उर्फ इमरान ने की है। इसके बाद उन्होंने कोतवाली मल्लीताल में सूचना दी। इस मामले में कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए
अभियोजन पक्ष ने केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला चंडीगढ़ के डॉक्टरों को भी न्यायालय में पेश किया जिन्होंने घटनास्थल से लिए डीवीआर को साबित किया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान को दोषी ठहराया। अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है और सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए 26 फरवरी 2026 की तिथि नियत की गई है।