मेरठ। पहाड़ों पर जारी बर्फबारी के असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को भी शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया। गुनगुनी धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिली, जबकि बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है।
शीतलहर और धुंध से ठिठुरन बढ़ी
सुबह और शाम सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। दिन में बादलों और धुंध के कारण धूप कमजोर रही, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। सड़कों पर अलाव जलाकर लोग गर्मी की तलाश करते नजर आए। बाजारों और घरों में हीटर व अलाव का सहारा लिया जा रहा है।
तापमान में गिरावट दर्ज
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 17.0 डिग्री और न्यूनतम 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन का तापमान मामूली बढ़ा, लेकिन रात का तापमान 1.4 डिग्री गिर गया। सुबह शीतलहर 10-15 किमी/घंटा की रफ्तार से चली।
मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। तापमान में और कमी आएगी और शीतलहर बनी रहेगी।
AQI खराब, स्वास्थ्य पर असर
ठंड के साथ प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। मेरठ का औसत AQI 250 के पार पहुंच गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है। विभिन्न इलाकों में AQI 160 से 330 तक दर्ज किया गया, बेगमपुल सबसे प्रदूषित रहा। सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ठंड से बचाव के उपाय
- गर्म ऊनी कपड़े, टोपी, दस्ताने और मफलर पहनें।
- गर्म पानी, अदरक-तुलसी की चाय या हल्दी दूध पिएं।
- गुड़, मूंगफली, सूप और ड्राई फ्रूट्स जैसे पौष्टिक भोजन लें।
- हल्का व्यायाम करें और धूप में समय बिताएं।
मेरठ सहित पूरे पश्चिमी यूपी में ठंड और कोहरे का असर जारी है, जिससे ट्रैफिक और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

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