कानपुर: दुबई स्थित ब्लूचिप ग्रुप और सहयोगी कंपनियों के नाम पर चले 1500 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय निवेश घोटाले में नए पीड़ित सामने आ रहे हैं। रविवार रात चार और एनआरआई (गैर-निवासी भारतीय) ने मुख्य आरोपी रविंद्रनाथ सोनी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कानपुर कोतवाली पुलिस में जीरो FIR दर्ज कराई। इससे मामले में कुल 28 प्राथमिकी हो चुकी हैं, जिनमें 10 जीरो FIR शामिल हैं।
नए पीड़ितों की शिकायतें:
- अबूधाबी निवासी भावेश अशोक कुमार बटाडिया (मूल गुजरात): 10,82,650 दिरहम (~2.66 करोड़ रुपये) निवेश। आरोपी: रविंद्रनाथ सोनी, सूरज जुमानी, विभास हरिसुमन त्रिवेदी, अमित गेरा, गुरनीत कौर, शाश्वत सिंह राजपूत।
- दुबई निवासी सचिन विजय कुमार राजे (मूल मुंबई-ठाणे): 2 लाख दिरहम (~50 लाख रुपये)। आरोपी: सोनी, शाश्वत और अन्य।
- अबूधाबी निवासी डॉ. पुलक पुनीत (मूल रांची): 3,11,850 दिरहम (~76 लाख रुपये) – 3% ब्याज का झांसा। आरोपी: सोनी, अमित शर्मा और सहयोगी।
- दुबई निवासी निधि विजय मेहता (मूल अहमदाबाद, गुजरात): 4,96,075 दिरहम (~1.22 करोड़ रुपये)। आरोपी: सोनी, सीमा वाधवानी, मो. साहिल।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि इन तहरीरों पर कार्रवाई कर जीरो FIR दर्ज की गई, जो संबंधित थानों में ट्रांसफर की जाएंगी।
मामले की पृष्ठभूमि:
मुख्य आरोपी रविंद्रनाथ सोनी (दिल्ली, मालवीय नगर) को दिसंबर 2025 में देहरादून से गिरफ्तार किया गया था। वह दुबई में ब्लूचिप कंपनी चलाता था, जहां ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश कराता और फिर गायब हो जाता। ठगी का अनुमान 1500 करोड़ रुपये से अधिक, 700+ पीड़ित कई देशों (दुबई, शारजाह, मलेशिया, जापान आदि) से।
- कंपनी प्रमोशन में सेलिब्रिटी जैसे सोनू सूद, द ग्रेट खली, क्रिस गेल आदि की तस्वीरें इस्तेमाल।
- जांच में क्रिप्टो वॉलेट से अरबों की ट्रांजेक्शन, कई शेल कंपनियां और बैंक अकाउंट मिले।
- SIT जांच जारी, ED और CBI को भी रिपोर्ट भेजी गई।
पीड़ितों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहराई से जांच हो रही है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक सूत्रों का इंतजार करें।

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