January 11, 2026

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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती को लेकर अनियमितता का मामला सामने आया है। 

की रिपोर्ट (11 जनवरी 2026) के अनुसार, मानव संपदा पोर्टल (उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक HRMS प्लेटफॉर्म, ehrms.upsdc.gov.in) पर पीलीभीत में चार एक्सरे टेक्नीशियन दिख रहे हैं, लेकिन सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सीएमओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी में केवल तीन के कार्यरत होने की पुष्टि हुई है। इससे एक पद पर संदिग्ध व्यक्ति या फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है।

पोर्टल पर दिख रहे नाम और स्थान

मानव संपदा पोर्टल के अनुसार पीलीभीत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में निम्नलिखित एक्सरे टेक्नीशियन सूचीबद्ध हैं:

  • धीरेंद्र सिंह – सीएचसी बीसलपुर
  • विमल प्रकाश – न्यूरिया
  • मुकेश कुमार गौतम – जिला क्षयरोग केंद्र
  • चंद्रप्रकाश – पूरनपुर

RTI से प्राप्त जानकारी में अंतर

सीएमओ कार्यालय ने RTI के जवाब में केवल तीन स्थानों (न्यूरिया, जिला क्षयरोग केंद्र, और पूरनपुर) पर कार्यरत टेक्नीशियन की जानकारी दी, जबकि बीसलपुर (CHC Bisalpur) में पद को खाली बताया गया। इससे बीसलपुर में दिख रहे धीरेंद्र सिंह के नाम पर सवाल उठ रहे हैं, और भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार या फर्जी नियुक्ति की आशंका बढ़ गई है।

आगे की कार्रवाई और शिकायत

  • इस अंतर को लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को शिकायती पत्र भेजा गया है, जिसमें मामले की जांच की मांग की गई है।
  • पत्र में यह भी उल्लेख है कि यह मामला पहले के भर्ती घोटालों से जुड़ा हो सकता है।
  • मुजफ्फरनगर के शाहपुर सीएचसी में एक एक्सरे टेक्नीशियन (अंकुर) को पहले हटाया गया था, लेकिन अब वह दोबारा कार्यरत है – इसकी भी जांच की मांग की गई है।

पृष्ठभूमि: पिछले घोटाले

यह मामला उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती से जुड़े पुराने घोटालों की याद दिलाता है। 2025 में अमर उजाला और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ था कि:

  • एक ही व्यक्ति (अर्पित सिंह) के नाम पर छह जिलों में फर्जी नियुक्तियां हुईं, जिससे करोड़ों रुपये की सैलरी निकाली गई।
  • जांच में 61 और फर्जी टेक्नीशियन 30 जिलों (पीलीभीत सहित) में पाए गए।
  • कई मामलों में जांच ठप हो गई या ठंडे बस्ते में डाल दी गई, जिससे रैकेट के फिर सक्रिय होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

यह घटना मानव संपदा पोर्टल की डिजिटल पारदर्शिता के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में कमियों को उजागर करती है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से उम्मीद है कि शिकायत पर त्वरित जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर असर न पड़े।

यदि इस मामले पर कोई नई अपडेट आती है या आप अधिक विवरण चाहते हैं, तो बताएं!