मेरठ
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में गुरुवार सुबह हुई सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। अनुसूचित जाति की 45 वर्षीय महिला सुनीता की निर्मम हत्या कर दी गई और उनकी 20 वर्षीय बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद अपहृत युवती की बरामदगी नहीं हो सकी है, जबकि मुख्य आरोपी पारस सोम (या पारस राजपूत) और उसके साथी फरार हैं।
घटना कैसे हुई?
सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ गन्ने के खेत पर काम करने जा रही थीं। रास्ते में गांव के ही दबंग पारस सोम और उसके साथियों ने रूबी को जबरन बाइक पर उठाने की कोशिश की। विरोध करने पर पारस ने सुनीता पर फरसे (बलकटी) से वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल में उपचार के दौरान सुनीता की मौत हो गई। मरते वक्त सुनीता ने कहा था, “हैवान बेटी को उठा ले गया, बचाओ।”
पीड़ित परिवार के बेटे मनदीप ने बताया कि मां को मार डाला गया, बहन को उठा ले गए और अब परिवार को भी जान का खतरा है। परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और रूबी की सुरक्षित बरामदगी तक अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
- पुलिस ने पारस सोम, सुनील सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, अपहरण और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
- अपहृत युवती की तलाश के लिए 10 टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग जिलों और राज्यों में दबिश दे रही हैं।
- चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
- गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। सभी रास्ते सील कर भारी पुलिस बल तैनात है।
- अधिकारियों ने परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।
राजनीतिक बवाल
मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है:
- सपा विधायक अतुल प्रधान गांव पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। धक्का-मुक्की के बाद वे धरने पर बैठ गए।
- आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद आज गांव पहुंचकर परिवार से मिल सकते हैं। उन्होंने इसे जातिगत हिंसा और महिलाओं की असुरक्षा का उदाहरण बताया, तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की।
- पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
- पूर्व विधायक संगीत सोम ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और दोषियों को सख्त सजा का आश्वासन दिया।
- विपक्षी दल सरकार पर कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगा रहे हैं।
गांव में तनाव बना हुआ है। प्रशासन किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अलर्ट पर है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि अपहृत रूबी की सलामती की चिंता बढ़ती जा रही है।
(स्रोत: एनडीटीवी, दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान टाइम्स, पीटीआई और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स)

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