कानपुर
सचेंडी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी फरार दरोगा अमित मौर्य की मोबाइल लोकेशन प्रयागराज में मिली है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें प्रयागराज और वाराणसी रवाना हो गई हैं। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने लखनऊ में दबिश दी थी, लेकिन टीम पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिया है।
पीड़ित परिवार पर दबाव, पैसों का लालच ठुकराया पीड़िता के भाई ने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि कुछ लोग रुपयों का लालच देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन परिवार को सिर्फ इंसाफ चाहिए। उन्होंने हाथ फैलाकर कहा, “पैसे देकर हमारी इज्जत वापस लौटा दो।” भाई ने बताया कि घटना वाली रात रेलवे लाइन के पास काले रंग की स्कॉर्पियो में पुलिस की कैप और डंडा रखा दिखा तथा यू-ट्यूबर शिवबरन यादव मोटरसाइकिल पर खड़े थे। जब पूछताछ की तो दरोगा अमित मौर्य ने डांटकर भगा दिया।
पीड़िता ने बताया कि शौच के लिए गई थी, तभी मुंह दबाकर उसे स्कॉर्पियो में डाल लिया गया और रेलवे लाइन किनारे ले जाकर दोनों आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। एक आरोपी वर्दी में था। पीड़िता ने दोनों की शक्लें देखी थीं, इसलिए पहचान लिया। भाई ने शिवबरन के भाई पर धमकी देने का भी आरोप लगाया।
मामले की शुरुआत और गिरफ्तारियां सोमवार रात करीब 10 बजे घर से थोड़ी दूर गई पीड़िता रात 12 बजे बदहवास हालत में घर लौटी। शुरू में अज्ञात कार सवारों के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म की FIR दर्ज हुई। बुधवार को पीड़िता के बयान पर यू-ट्यूबर शिवबरन यादव और दरोगा अमित मौर्य का नाम शामिल कर पॉक्सो एक्ट व सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं जोड़ी गईं। शिवबरन को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दरोगा फरार चल रहा है। पुलिस उसके रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ कर रही है।
परिवार को सुरक्षा की मांग, कांग्रेस ने उठाया मुद्दा कोर्ट में पीड़िता की मदद के लिए पहुंचे कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपियों के करीबियों की ओर से दबाव और पैसों का लालच दिया जा रहा है। यह जघन्य अपराध है, जिसमें रक्षक ही भक्षक बन गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर परिवार के साथ खड़े हैं। पुलिस से संवेदनशीलता बरतने की अपील की गई।
पुलिस मुख्यालय को भी रिपोर्ट भेजी गई है। मामले में लगातार दबिश और घेराबंदी जारी है। पीड़ित परिवार की इंसाफ की गुहार और पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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