February 1, 2026

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हिमालयी लोगों में नहीं मिलता कार्डियक अरेस्ट वाला जीन, चीन नहीं साइबेरिया से जेनेटिक कनेक्शन

cardiac arrest gene associated not found in Malay population their genetic connection is with Siberia not Chin

हिमालय पर रहने वाले लोगों का दिल सुरक्षित है। उन्हें कार्डियक अरेस्ट का खतरा कम है। क्योंकि इसके लिए जिम्मेदार जीन एमवाईबीपीसी3 न के बराबर है। ऐसे में इन लोगों में ह्रदयाघाट का जोखिम बेहद कम है। पिछले पांच वर्षों में हिमालय के अलग- अलग क्षेत्रों से 1000 से ज्यादा डीएनए सैंपल की सीक्वेंसिंग कर बीएचयू और देश के विवि के शोधों में ये परिणाम निकाला गया है। ये बातें बीएचयू में कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिमालयन जीन एक्सपर्ट डॉ. राकेश तमांग ने कही।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीएबी-2026 के दूसरे दिन जंतु विज्ञान विभाग में डॉ. तमांग ने छात्रों के सामने हिमालय क्षेत्र के लोगों के डीएनए अध्ययन के कई निष्कर्ष प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि हिमालय के लोगों का साइबेरियन लोगों से आनुवांशिक संबंध है। इसलिए उनके सबसे मजबूत आनुवंशिक संबंध तिब्बत और साइबेरिया से है, जबकि इसके मुकाबले चीन से आनुवंशिक संबंध कमजोर है।

डॉ. राकेश तमांग ने कहा कि हिमालय क्षेत्र में पौधों-जानवरों की जैव-विविधता बहुत ज्यादा है लेकिन मानव आनुवंशिक विविधता पर अब तक ज्यादा शोध नहीं हुआ था। हिमालय में 100 से ज्यादा एथनिक समूह रहते हैं। हिमालय के लोगों का जीन तिब्बत और साइबेरिया के लोगों से जुड़ा हुआ है। हिमालय न केवल भौगोलिक रूप से विविध है, बल्कि आनुवंशिक रूप से भी एक मेल्टिंग पॉट रहा है, जहां प्राचीन प्रवासियों के जीन आज भी उपलब्ध हैं। 

दूध पचाने की क्षमता अलग

डॉ. तमांग ने अपने शोधों का हवाला देते हुए बताया कि हिमालय के लोगों में दूध पचाने (लैक्टेज पर्सिस्टेंस) की क्षमता यूरोपीय लोगों के जीन से अलग है। यहां एशियाई-विशिष्ट वेरिएंट जीन के लोग हैं, जिससे पता चलता है कि पहाड़ी समूहों का डेयरी फार्मिंग और पशुपालन का इतिहास अलग विकसित हुआ। हिमालय क्षेत्र में 100 से अधिक एथनिक समूह (जैसे शेरपा, भूटिया, लेपचा, गद्दी, भोटिया आदि) रहते हैं। यहां की जैव-विविधता तो दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन मानव आनुवंशिक विविधता पर शोध सीमित रहा।