कानपुर में डीजीक्यूए में 2016 में हुई भर्ती में हर कदम पर मनमानी की गई थी। पहले तो सगे संबंधियों की उत्तर पुस्तिकाओं में गलत उत्तरों को मिटाकर सही किया और नंबर चढ़वाए गए। इसके अलावा परीक्षा बोर्ड की महिला अफसर के हस्ताक्षर के बिना ही रिजल्ट जारी करवा दिया है। इसमें रक्षा मंत्रालय के अफसरों को भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई थी।
इसके साथ ही शहर से प्रगति रिपोर्ट न तो मुख्यालय भेजने दिया गया और न ही केंद्रीय प्रशासन न्यायाधिकरण कैट को सही तथ्यों की जानकारी दी गई। क्लर्कों की भर्ती परीक्षा के लिए चार सदस्यीय बोर्ड बनाया गया था। बोर्ड में संतोष कुमार तिवारी चेयरमैन थे। इसके अलावा तीन और सदस्य थे। जीटी रोड स्थित रक्षा-प्रतिरक्षा प्रतिष्ठान में कार्यरत महिला अफसर भी इसमें सदस्य बनाई गई थी।

More Stories
चिमनी की ऊंचाई, प्लेटफॉर्म बढ़ाने और डिजाइन पर फिर से होगा मंथन; मुंबई में बैठक
काशी में 5340 लड़कियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, ‘हिंसा’ पर बनाई पेंटिंग; प्रशिक्षण
हर घर जल पर बजट का ग्रहण, अधर में लटकीं परियोजनाएं