
प्रदेश सरकार का बजट सत्र कल से शुरू होने जा रहा है। आज इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बजट सत्र के पहले सत्ता और विपक्षी पार्टियों की बैठकें हो सकती हैं। प्रदेश सरकार की ओर से 11 फरवरी को पेश होने वाले बजट का आकार इस बार करीब 9 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। सरकार का मुख्य ध्यान प्रदेश के विकास और आम लोगों की सुविधाओं पर रहेगा। खासतौर पर सड़क, पुल, शहरों के विकास और बुनियादी ढांचे पर बड़ा खर्च किए जाने की संभावना है।
सरकार युवाओं के रोजगार, किसानों की मदद और गरीब व जरूरतमंद वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए अच्छी खासी रकम रख सकती है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि हर नागरिक तक इनका लाभ सही तरीके से पहुंच सके। बजट में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान रहेगा।
इन सेक्टरों में हो सकता है सबसे ज्यादा आवंटन
बजट सत्र के दौरान आपात स्थिति से निपटने की जानी तैयारियां
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बीते दिनों विधानमंडल के वर्ष 2026 के प्रथम सत्र के सुचारु एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सत्र के दौरान किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के बारे में भी जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सत्र के दौरान किसी भी स्तर पर सुरक्षा में चूक न हो तथा समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं।
विधानसभा अध्यक्ष ने क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की तैनाती, एंटी एक्सप्लोसिव एवं एंटी सबोटाज जांच व्यवस्था, सभी प्रवेश द्वारों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा विधायकों के साथ आने वाले सुरक्षा कर्मियों के बैठने की समुचित व्यवस्था के बारे में जाना और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा विधान भवन परिसर में सदस्यों के निर्बाध एवं सुरक्षित आवागमन, सुरक्षा जांच की प्रभावी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक गरिमा एवं संसदीय परंपराओं की रक्षा के लिए सुरक्षा एवं सुविधा संतुलन अत्यंत आवश्यक है। इस मौके पर प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार दुबे, पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
