उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान घोषणा की है कि प्रदेश की हजारों आंगनबाड़ी और आशा बहनों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। यह ऐलान विधानसभा सत्र के दौरान आया है, जो इन जमीनी स्तर की कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य घोषणा के बिंदु
- मानदेय बढ़ोतरी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा, “हम आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का भी मानदेय बढ़ाएंगे।” यह घोषणा हाल ही में निराश्रित, वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन बढ़ाने के फैसले के बाद आई है।
- प्रभावित संख्या:
- प्रदेश में लगभग 1.89 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
- करीब 1.68 लाख आशा कार्यकर्ता।
- ये लाखों महिलाएं मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाती हैं।
- अन्य संबंधित सौगातें:
- शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए भी मानदेय बढ़ोतरी पर काम चल रहा है।
- 1 अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और शिक्षकों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
- सरकार का फोकस: तुष्टीकरण नहीं, संतुष्टीकरण – सभी वर्गों का हित।
- पृष्ठभूमि: यह फैसला सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और जमीनी स्तर की सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि सरकार ‘रूल ऑफ लॉ’ पर जोर दे रही है, जिससे प्रदेश ‘फियर जोन’ से ‘फेथ जोन’ में बदल गया है – दंगों की जगह अब उत्सव और आस्था का माहौल है।
अन्य प्रमुख बिंदु सीएम के संबोधन से
- बेरोजगारी दर: 2017 से पहले 19% से ज्यादा थी, अब घटकर 2.24% रह गई।
- आर्थिक प्रगति: प्रदेश की जीडीपी मजबूत, EV सेक्टर में 19%+ हिस्सा, 20,000+ स्टार्टअप्स, 8 यूनिकॉर्न।
- कानून-व्यवस्था: जीरो टॉलरेंस, मॉडर्न पुलिसिंग, साइबर और फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस।
- विपक्ष पर हमला: एसआईआर प्रक्रिया में फर्जीवाड़े के आरोप, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान न बर्दाश्त।
यह घोषणा चुनाव से पहले सामाजिक कल्याण पर सरकार की प्रतिबद्धता दिखाती है। लाखों आंगनबाड़ी और आशा बहनों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, जिससे उनकी सेवाएं और बेहतर होंगी। मानदेय बढ़ोतरी की सटीक राशि और समयसीमा जल्द ही सरकारी आदेश से स्पष्ट होगी – अपडेट्स के लिए फॉलो करें!

More Stories
चिमनी की ऊंचाई, प्लेटफॉर्म बढ़ाने और डिजाइन पर फिर से होगा मंथन; मुंबई में बैठक
काशी में 5340 लड़कियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, ‘हिंसा’ पर बनाई पेंटिंग; प्रशिक्षण
हर घर जल पर बजट का ग्रहण, अधर में लटकीं परियोजनाएं