
दोपहर के समय गेट नंबर 3 पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी रही, इसमें एक सिपाही हैंड मेटल डिटेक्टर लेकर जांच करता रहा। हालांकि हर किसी की जांच नहीं हुई। बैग को खुलवाया तक नहीं गया। ऊपर से ही जांच कर निकाल दिया गया। कुछ देर तक ठहरने के बाद अन्य आने वालों की भी जांच पूरी तन्मयता से नहीं होती देखी गई।
गेट नंबर चार पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने हर किसी की जांच की। एक महिला वादकारी ने बैग की जांच पर आपत्ति जताई। महिला और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। अधिवक्ताओं ने मौके पर कहा कि चाहे कोई भी हो, जांच जरूरी है। रिपोर्टर ने भी अपने बैग की जांच कराई।अधिवक्ता बोलेडोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और लगेज स्कैनर भी दुरूस्त करा लिए गए। हैंड मेटल डिटेक्टर से कचहरी में प्रवेश करने वालों की जांच होरही है। बैग और झोले की तलाशी ली जा रही है। हालांकि, कुछ जगहों पर अभी भी ढिलाई बरती जा रही है। -राहुल द्विवेदी, अधिवक्ता
कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद बनाने की जरूरत है। अधिवक्ताओं और वादकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। कचहरी परिसर के अंदर वाहन नहीं आने चाहिए। -अभिषेक मिश्रा, अधिवक्ता
सीसी कैमरे की संख्या बढ़ानी चाहिए। पुलिस कर्मियों की संख्या भी परिसर में बढ़ाई जाए। अधिवक्ताओं को भी अपने चौकी और चैंबर समेत आसपास की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। -विकास सिंह, अधिवक्ताक्या बोले अधिकारीसुरक्षा के सभी बिंदुओं पर बार पदाधिकारियों से वार्ता के बाद कचहरी की सुरक्षा बढ़ाई गई है। हर गेट पर दो से तीन पुरुष और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। डीएफएमडी से होकर ही अधिवक्ता और वादकारियों को गुजारा जा रहा है। अपील है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। -प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा, कमिश्नरेट
