
सफाई में योग कराने की कही थी बात
इंचार्ज अध्यापक गोविंद सिंह ने अपने बचाव में इसे सजा न बताकर योग कराने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गांव के कुछ लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, स्कूल का टैबलेट ले जाने, धमकी देने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप भी लगाए थे।
जांच में छात्रों ने लगाए पिटाई के आरोप
खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में छात्रों ने बताया कि स्कूल ड्रेस पहनकर न आने पर अध्यापक ने छड़ी से पिटाई की। साथ ही छात्रों को मुर्गा बनाया गया और छात्राओं को हाथ ऊपर कराकर दंडित किया गया।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन
जांच में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा-17 का उल्लंघन पाया गया, जिसमें छात्रों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देना प्रतिबंधित है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच खंड शिक्षा अधिकारी हस्तिनापुर कमल राज को सौंपी गई है।