
इस मामले की जांच के लिए पंचायती राज मंत्री, निदेशक पंचायती राज व डीएम से शिकायत की गई थी। पंचायती राज मंत्री ने बड़े स्तर पर हुए इस घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं।
जिले की सभी 397 ग्राम पंचायतों में सुरक्षा के लिए कैमरे लगवाए गए हैं। फर्में अलग-अलग होने के बावजूद, सभी ने कैमरों की कीमत 23,500 रुपये ही दिखाई है, जो बड़ा सवाल है। लोजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पंचायती राज विभाग ने सुनियोजित तरीके से कैमरों की कीमत तय की और फिर एक रेट निर्धारित कर सभी को उसी रेट पर खरीदने के लिए निर्देशित कर दिया।
विभागीय सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायतों में लगाए गए कैमरे वाईफाई से चलते हैं, इनका रिचार्ज होना जरूरी है। कैमरों की माॅनीटरिंग के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। बावजूद इसके महीनों से कैमरे रिचार्ज नहीं कराए गए, जिसके कारण इनका संचालन भी ठप है।
मेरे संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला या शिकायत है, तो नियमानुसार जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
-शाहिद अहमद, सीडीओ
