
इसके अलावा, टीम ने जंगल कौड़िया ब्लॉक में स्थित विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही, रविवार को यहां आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के स्थल का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आम लोगों से बातचीत की गई, जहां एक व्यक्ति ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में 35 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने हैं, जहां कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर नियुक्त हैं लेकिन अधिकतर मंदिरों पर अक्सर ताला लटका मिलता है। डॉ. चौरसिया ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भी जांच कराने की बात कही। जांच के दौरान लेखा सहायक रोहन, अधीक्षक डॉ. उमेश नारायण गुप्ता, डॉ. मनीष, रजनीश मौजूद रहे।
सीएचसी चौरीचौरा भी पहुंची टीम
वहीं दो सदस्यीय टीम ने रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा का निरीक्षण किया। टीम में संतकबीरनगर के एसीएमओ डॉ. रामरतन वर्मा और डीसीपीएम संजीव कुमार सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान टीम ने दवा स्टॉक, वार्डों की स्थिति, चिकित्सा उपकरण, स्टाफ की उपस्थिति, जनरेटर व्यवस्था तथा वैक्सीन भंडारण का बारीकी से सत्यापन किया। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को देखकर टीम संतुष्ट नजर आई। टीम ने सीएचसी के बाद सरदारनगर, बेलवा बाबू और डुमरीखास का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक सर्वजीत प्रसाद सहित सभी चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं, टीम ने ब्रह्मपुर पीएचसी का भी निरीक्षण किया।
पिपरौली सीएचसी सहित उप स्वास्थ्य केंद्रों की जांच में दिखे संतुष्ट
पिपरौली/गीडा/महावीर छपरा। एसआरएम की टीम ने रविवार को तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया, भीटी खोरिया और महावीर छपरा का निरीक्षण किया। तीनों अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर टीम संतुष्ट नजर आई। बस्ती मंडल से आई एसआरएम टीम ने अस्पताल पर मौजूद पांच मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। टीम ने अस्पताल के उपकरणों की सूची, इमरजेंसी रजिस्टर सहित विभिन्न सुविधाओं की जांच की। निरीक्षण टीम में उप मुख्य चिकित्साधिकारी बस्ती डाॅ. एसबी सिंह, डीसीपीएम बस्ती दुर्गेश मल्ल शामिल रहे। वहीं, पिपरौली ब्लाॅक के महावीर छपरा के जुड़ापुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें फाॅर्मासिस्ट सतीश राय ने 156 मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। आरोग्य मेले के दौरान दाेपहर 12 बजे पहुंची टीम की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी सभी इकाइयों का भौतिक सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर टीम ने उपस्थित मरीजों से बात की। लैब टेक्नीशियन न होने पर नाराजगी जाहिर की।

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