
इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के बैंक खातों में करीब 12 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन पाया गया था। करीब डेढ़ करोड़ रुपये शिवा ने घर में काम करने वाले नौकर विकास के खाते में ट्रांसफर किए। ठगी की रकम से उसने नौकर के लिए कार भी खरीदी थी।
बैंक अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका
इंस्पेक्टर ने बताया कि शिवा के साथी दीपक ने फर्जीवाड़े की बड़ी साजिश रची थी। आरोपी इतनी बड़ा फर्जीवाड़ा खुद नहीं कर सकते थे। ऐसे में पूरी आशंका है कि इसमें कई बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस जांच में कुछ अन्य खाताधारकों की भूमिका देखी जा रही है
हनों व बिजली उपकरणों में भी खपाई रकम
शिवा ने फर्जीवाड़े की कुछ रकम गहनों, बिजली उपकरणों और कुछ संपत्तियों में खपाई थी। पुलिस को आरोपियों के पास करीब ढाई लाख के जेवर, कार, चांदी के सिक्के, तीन मोबाइल, एक लैपटॉप, प्रिंटर और 47 हजार रुपये बरामद हुए हैं।
साक्ष्य मिटाने के लिए बैंक में आग लगाने का था आरोप
बैंक की इसी शाखा में 25 नवंबर 2025 को भीषण में आग लग गई थी। घटना में कई दस्तावेज और व अन्य चीजें जलकर राख हो गई थीं। ग्राहकों ने अधिकारियों व आरोपी बैंक मित्र पर फर्जीवाड़े को छिपाने और साक्ष्य मिटाने के लिए आग लगाने का आरोप लगाया था।

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