लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से सुल्तानपुर निवासी गजलकार डॉ. डीएम मिश्र के गजल संग्रह ‘सच कहना यूं अंगारों पर चलना होता है’ का लोकार्पण रविवार को हजरतगंज स्थित यूपी प्रेस क्लब में किया गया। काव्य समारोह में कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया
वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. जीवन सिंह, डॉ. गोपाल गोयल, कौशल किशोर, शिवमूर्ति, सुमन गुप्ता, सुभाष राय और फरजाना महदी ने गजल संग्रह का लोकार्पण किया। डाॅ. जीवन सिंह ने कहा कि डीएम मिश्र ने अपनी एक ऐसी ज़मीन तैयार की है जो आज के अन्य गजलकारों से अलग है। वे उन गजलकारों में हैं जिनकी आवाजाही मध्यवर्ग से आगे किसान और श्रमिक वर्ग तक शामिल हैं। जसम लखनऊ की सचिव फरजाना महंदी ने कहा कि डीएम मिश्र की गजलों में इश्क़ है और इंक़लाब भी। मोहब्बत है तो प्रतिरोध, तन्हाई और अवाम से गहरा रिश्ता भी है। डीएम मिश्र ने अपनी कुछ ग़ज़लें और चुनिंदा शेर भी सुनाए। कार्यक्रम का संचालन सुचित माथुर ने किया। इस मौके पर उमेश पंकज, विमल किशोर, अवंतिका सिंह, किरन मिश्रा, अशोक मिश्र, डॉ. अनीता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
More Stories
गोंडा में पुरानी रंजिश को लेकर युवक पर फायरिंग, गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर, मामला दर्ज
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में गौरा में समाजवादी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन
पीलीभीत: मुकदमा दर्ज होने पर प्रधान ने जहर खाया, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत