
गोरखपुर। चंपा देवी पार्क में चल रही श्रीराम कथा में रविवार को कथावाचक राजन महाराज ने राम बरात व धनुष भंजन प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राम कथा रहस्यमयी है बुद्धिमान को इसे सुनकर विरति अर्थात विशेष रति की प्राप्ति होती है, जबकि अज्ञानी मोह में उलझा रहता है।
राजन महाराज ने बताया कि भगवान राम द्वारा धनुष भंजन होते ही देवताओं ने पुष्पवर्षा की। समस्त कार्य भगवान की कृपा से ही सिद्ध होते हैं, हम स्वयं को कर्ता मानकर अहंकार में फंस जाते हैं। मनुष्य को कर्तापन त्यागकर ईश्वरीय कृपा स्वीकार करनी चाहिए।
कथा में राम-सीता विवाह उपरांत अयोध्या वापसी, राजा दशरथ की प्रसन्नता तथा माता कौशल्या के प्रश्नों का मार्मिक वर्णन हुआ। उन्होंने गुरु कृपा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि परिश्रम के साथ गुरु का आशीर्वाद अनिवार्य है। धनुष टूटने की ध्वनि से क्रोधित परशुराम के जनकपुरी आगमन, राम-लक्ष्मण संवाद और अंततः भगवान राम के दर्शन से परशुराम के शमन का प्रसंग श्रोताओं को भावविभोर कर गया। कथा के दौरान गीता सुफल मनोरथ भैइल हो… जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। कार्यक्रम का संचालन ब्रजेश त्रिपाठी ने किया।
इधर, राजन महाराज रविवार को गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर गुरु गोरखनाथ का दर्शन किया। वहीं गीता प्रेस भी गए और भ्रमण किया।
क्षत्रिय भवन में राजन महाराज का किया स्वागत
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं प्रताप सभागार फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से कथा वाचक राजन महाराज का स्वागत किया गया। रविवार को क्षत्रिय भवन पहुंचे राजन महाराज ने महाराणा प्रताप एवं पूर्व संरक्षक डॉ. रघुनाथ सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। राजन महाराज के स्वागत के दौरान जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, रणंजय सिंह, योगेंद्र सिंह, राधेश्याम चंद, यूपीएन सिंह, इंद्रजीत सिंह, विजय बहादुर सिंह, समर बहादुर सिंह, डॉ. वाई सिंह, अर्चना सिंह, अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।

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