
कानपुर में सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल रिजल्ट शुक्रवार को घोषित कर दिए गए। इसमें फतेहपुर कन्नीज, हमीरपुर, उन्नाव, फर्रुखाबाद और हरदोई के अभ्यर्थियों ने शानदार सफलता हासिल की है। फतेहपुर के मौजमाबाद गांव की बेटी शांभवी तिवारी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर ऑल इंडिया 46वीं रैंक हासिल की है। शांभवी तिवारी के पिता सुशील कुमार तिवारी और मां निवेदिता तिवारी उत्तराखंड में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।
शांभवी ने इससे पहले वर्ष 2024 में भी सिविल सेवा परीक्षा में 464वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन रेलवे सेवा में हुआ था। शांभवी ने पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय से हाईस्कूल से लेकर बीटेक तक की पढ़ाई की। उन्होंने घर पर रहकर, बिना किसी कोचिंग के दूसरे प्रयास में यह प्रतिष्ठित परीक्षा पास की। पिछले एक वर्ष से वह घर पर प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने ई-पुस्तकों का सहारा लिया और मोबाइल फोन का उपयोग केवल तैयारी तक सीमित रखा।
कड़ी मेहनत से मिली मंजिल
शांभवी ने युवा छात्र-छात्राओं को लगन और समर्पण से तैयारी करने के लिए के प्रेरित किया। हमीरपुर राठ के ब्रह्मानंद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र के सिंह के बेटे डॉ. यशवर्धन सिंह का यूपीएससी में चयन हुआ है। उन्होंने 212 रैंक हासिल की है। इसी तरह इत्रनगरी के प्रांजल ने पहले ही प्रयास में 250वां स्थान प्राप्त किया है। फर्रुखाबाद के नवाबगंज के शिक्षिका के बेटे आकर्ष कुमार यादव को 524वीं रैंक हासिल हुई है। वह तीन साल से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे थे।
हमीरपुर, हरदोई और उन्नाव के लाल भी चमके
हरदोई के मल्लावां विकास खंड के काजीपुर निवासी योगेंद्र कुमार सिंह को 286वीं रैंक हासिल हुई है। पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कोटे के क्रम में उन्हें आईएएस मिलना तय है। उन्हें छठवें प्रयास में सफलता मिली है। योगेंद्र के पिता किसान हैं, जबकि मां परिषदीय विद्यालय में सहायक अध्यापिका हैं। इसी तरह उन्नाव के गौरव प्रताप सिंह को 317 और अमन वर्मा को 505वीं रैंक हासिल हुई है। गौरव के पिता रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर मध्य प्रदेश में कार्यरत हैं, जबकि अमन के पिता रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर हैं।
