बरेली जिले में बुधवार को मूसलाधार बारिश हुई। शीशगढ़ इलाके में बारिश के कारण बुधवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जगह-जगह पानी भरने से आवागमन में परेशानी हुई। वहीं, बिजली आपूर्ति का फ्यूज उड़ने की वजह से भी लोगों को परेशान होना पड़ा। पश्चिमी बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी पर खमरिया गांव के पास बना अस्थायी बांध ग्रामीणों ने काट दिया। इस बांध का निर्माण क्षेत्र के किसानों ने ही आपसी सहयोग से किया था।
वर्ष 2016 से पश्चिमी बहगुल नदी पर खमरिया गांव के पास किसान कल्याण समिति की ओर से प्रतिवर्ष अक्टूबर माह में कच्चा बांध बनाया जाता है। यहां से बहेड़ी और मीरगंज के साथ रामपुर की बिलासपुर तहसील के सैकड़ों गांवों के किसानों की फसलों की सिंचाई मुफ्त में होती है। बांध बनाने के लिए आसपास के किसान ही चंदा देते हैं।
इस बार भी किसानों ने खुद ही बांध बनाया। मानूसनी बारिश शुरू होने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। इस वजह से पानी किसानों के खेतों में भर रहा है। पानी भरने से फसलों को नुकसान होने की आशंका को देखते हुए बांध का कुछ हिस्सा काटकर पानी निकास कर दिया गया। पूर्व एमएलसी जयदीप सिंह बरार ने बताया कि यहां पक्का बांध न बनने से हर साल ग्रामीणों की मदद से बांध बनाया जाता है।

More Stories
टीईटी अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन
सर्द-गर्म मौसम से बिगड़ रही सेहत, 10-15 दिन में ठीक हो रही खांसी
प्याज की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे शराब, दो गिरफ्तार