मेरठ
पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित मेरठ में कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। लगातार कई दिनों से सूरज के दर्शन नहीं हो रहे, दिनभर ठिठुरन बनी हुई है। शीतलहर के साथ घना कोहरा और बढ़ता प्रदूषण लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान 17-18 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह-शाम घने कोहरे से दृश्यता बेहद कम हो जा रही है, जिसका असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ रहा है। ठंडी हवाएं 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जो ठंड को और बढ़ा रही हैं।
प्रदूषण की मार अलग से ठंड के साथ वायु प्रदूषण भी चिंता का विषय बना हुआ है। हवा की गति कम होने और नमी ज्यादा रहने से प्रदूषक तत्व वातावरण में ठहरे हुए हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब श्रेणी में बना हुआ है, जिससे सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। शीतलहर की रफ्तार बनी रहेगी और तापमान में गिरावट जारी रह सकती है। तेज धूप और हवाएं चलने तक ठंड व प्रदूषण से राहत मिलना मुश्किल है।
पश्चिमी यूपी के जिलों में सर्दी का यह सितम फिलहाल जारी रहने के आसार हैं। लोगों को गर्म कपड़े पहनने और बाहर निकलते समय मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है।

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