
दोपहर करीब 12:22 बजे ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा को बाहर लाया गया। परिवार को पुत्र जन्म की सूचना दी गई, लेकिन प्रिया की हालत गंभीर बनी रही। परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने खून की कमी बताते हुए पहले एक यूनिट और फिर दूसरी यूनिट ब्लड की मांग की। शाम तक मरीज को तेज दर्द, घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने लगी।
आरोप है कि अंदरूनी रक्तस्राव की आशंका के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि शाम करीब साढ़े सात बजे जब हालत और नाजुक हो गई, तब डॉक्टर और स्टाफ सेंटर बंद कर वहां से चले गए। आनन-फानन में गंभीर हालत में प्रिया को पास के दुर्गावती अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने मामले में शशांक तिवारी की तहरीर पर बड़हलगंज थाने में महिला डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
मामले में डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग की गई है: सुनील कुमार राय, इंस्पेक्टर, बहड़हलगंज
सीएमओ के आदेश पर सिया मैटरनिटी सेंटर सील
सीएमओ के निर्देश पर डेरवा पीएचसी के अधीक्षक डॉ. श्रवण तिवारी टीम के साथ मंगलवार को बड़हलगंज पहुंचे और सिया मैटरनिटी सेंटर को सील कर दिया। उन्होंने बताया कि सेंटर के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ था, जो गंभीर अनियमितता है।
इसी आधार पर तत्काल प्रभाव से सेंटर को सील कर दिया गया। उधर, घटना के बाद से चिकित्सिका का मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताया जा रहा है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सेंटर के दस्तावेजों और उपचार प्रक्रिया की जांच करेगी।
