गैंगस्टर मामले में विधायक इरफान सोलंकी की तीन गाड़ियों को जब्त करने में पुलिस की लापरवाही समाने आने के बाद जिम्मेदारों की एक और बड़ी लापरवाही अधिकारियों के सामने आई है। डीसीपी पूर्वी की जांच में पता चला कि वर्ष 2023 में विधायक और उनके सहयोगियों की कई संपत्तियां (रिवाल्वर, राइफल समेत) ऐसी हैं, जिन्हें सीज तो किया गया लेकिन उसे केस डायरी में दर्ज नहीं किया गया। यह चूक अनजाने में हुई या विधायक को लाभ पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर की गई, इसकी जांच एसीपी कैंट को दी गई है। एसीपी तीन दिन में अपनी रिपोर्ट अधिकारी को सौंपेंगे।
जाजमऊ थाने में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे में सपा विधायक इरफान सोलंकी को गैंग लीडर बनाया गया है। इरफान व उनके सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने जाजमऊ निवासी विधायक इरफान उनके भाई रिजवान सोलंकी, साथी ग्वालटोली निवासी शौकत अली, अज्जन की छह तरह की प्रापर्टी, छह वाहन, दो लाइसेंसी शस्त्र, 12 बैंक खाते, छह प्लॉट समेत 26 चल-अचल संपत्तियों के जब्तीकरण की कार्रवाई की थी। इसमें से आठ जुलाई 2023 को विधायक की रिवाल्वर, राइफल जब्त की गई।
वहीं, 14 अप्रैल तक विधायक व उसके साथियों की 68 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति जब्त की गई थी। डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में विधायक के असलहे, शौकत अली और अज्जन की कुछ संपत्तियां सीज तो हुईं, लेकिन उन्हें केस डायरी का हिस्सा नहीं बनाया गया। ये संपत्तियां थाने पर भी मौजूद हैं। ऐसे में कानूनी जानकारों का कहना है कि केस डायरी में संपत्तियों का दर्ज न होना केस को कमजोर बना सकता है, जिसका फायदा आरोपियों को मिलेगा। डीसीपी ने बताया कि जांच में पता चलेगा कि ऐसा क्यों हुआ।

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