गोरखपुर में हवाला के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास से 50 लाख रुपये की नकदी बरामद की, जो मूल रूप से नेपाली करेंसी को भारतीय रुपये में बदलकर लाई गई थी। प्रारंभिक जांच में यह रकम हवाला की होने की पुष्टि हुई है। कैंट पुलिस और आयकर विभाग की संयुक्त टीम मामले की गहन जांच कर रही है।
घटना शुक्रवार शाम की है। सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज कस्बे में पर्स-बैग का व्यापार करने वाले राजीव जायसवाल उर्फ राजू बस से गोरखपुर पहुंचा। वह धर्मशाला बाजार की ओर पैदल जा रहा था, तभी स्कूटी सवार दो युवकों ने उसे रुपये से भरा बैग सौंपा। राजीव उसी बैग को लेकर रेलवे स्टेशन की ओर लौट रहा था कि रेलवे चौकी प्रभारी सुधांशु सिंह ने उसे रोका। शक होने पर राजीव भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
तलाशी में बैग से 50 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। पूछताछ में राजीव ने पहले कहा कि वह स्कूटी सवारों को नहीं जानता और रकम फरेंदा ले जानी थी। उसने भांजे का हवाला दिया, लेकिन पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिला। शनिवार को दोबारा पूछताछ में राजीव ने बयान बदल दिया और बताया कि रकम राजघाट इलाके के एक व्यापारी की है। इसके बाद पुलिस ने उस व्यापारी को भी हिरासत में ले लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम नेपाली करेंसी को भारतीय रुपये में बदलकर गोरखपुर लाई गई थी। राजीव कई बार बयान बदल चुका है और उसके भांजे का नंबर भी बंद मिला, जिससे हवाला का शक गहरा गया है।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा, “पकड़े गए दुकानदार ने एक व्यापारी का नाम लिया, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई होगी।”
पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान कर रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेने की तैयारी है। यह मामला नेपाल बॉर्डर से सटे इलाके में हवाला नेटवर्क की गतिविधियों को उजागर करता है।

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