गोरखपुर
कड़ाके की सर्दी में सुबह की मॉर्निंग वॉक सेहत के लिए घातक साबित हो सकती है। गोरखपुर के पादरी बाजार निवासी 64 वर्षीय रफीउल्लाह की आपबीती इसकी जीती-जागती मिसाल है। तीन साल पहले सुबह सैर पर गए उनके दोस्त अंसारी को अचानक ठंड इतनी लगी कि ब्रेन स्ट्रोक हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस सदमे से उबर नहीं पाए रफीउल्लाह ने सुबह की सैर हमेशा के लिए छोड़ दी। अब वह सुबह 10 बजे के बाद ही घर से निकलते हैं।
मूल रूप से देवरिया के सलेमपुर निवासी रफीउल्लाह उर्दू अनुवादक के पद से सेवानिवृत्त हैं। वे बताते हैं, “हम लोग पहले बेपरवाह थे। करीब तीन साल पहले दोस्तों के साथ सुबह सैर पर निकले थे। अंसारी को ठंड इतनी लगी कि ब्रेन स्ट्रोक हो गया। अस्पताल ले गए, लेकिन वे बच नहीं सके। अब सुबह सैर की बात होती है तो वही दृश्य सामने आ जाता है। तीन साल बीत गए, लेकिन मैं सुबह 10 बजे से पहले घर से नहीं निकलता। परिचितों को भी समझाता हूं कि ठंड में बाहर निकलने से परहेज करें, वरना जान पर बन सकती है।”
इस कड़ाके की ठंड में भी बुजुर्ग बेपरवाही से सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकल रहे हैं, जिनमें शुगर और हाई बीपी के मरीज भी शामिल हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे लोग सुबह टहलने से बचें, क्योंकि ठंड से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। रफीउल्लाह की यह दर्दनाक कहानी सभी के लिए बड़ा सबक है।

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