January 11, 2026

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वाराणसी रोपवे: वायरल वीडियो पर प्रशासन का स्पष्टिकरण, टेस्टिंग का हिस्सा बताया झूलना

वाराणसी में देश की पहली शहरी रोपवे परियोजना का ट्रायल चल रहा है। इस दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रोपवे की गोंडोला (ट्रॉली) हवा में झूलती नजर आ रही है। इससे सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता और चर्चाएं हुईं, लेकिन जिला प्रशासन और परियोजना प्रबंधन ने इसे पूरी तरह सुरक्षित बताया है।

प्रशासन के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहा झूलना लोड टेस्टिंग और इमरजेंसी ब्रेकिंग का हिस्सा है। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने स्टेशनों का निरीक्षण करने के बाद कहा कि कैंटोनमेंट से रथयात्रा तक का पहला चरण पूरा हो चुका है और लोड टेस्टिंग चल रही है। इमरजेंसी ब्रेक लगने पर गोंडोला का स्विंग होना अंतरराष्ट्रीय मानकों (यूरोपीय CEN स्टैंडर्ड्स) के अनुरूप है। यह टेस्टिंग का सामान्य हिस्सा है और इसमें कोई खतरा नहीं है।

एनएचएलएमएल (नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड) की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा ने भी स्पष्ट किया कि यह परीक्षण यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। इसमें तेज हवा, इमरजेंसी ब्रेक, सेंसर सक्रियता और अन्य परिस्थितियों की जांच होती है। स्प्रिंग-लोडेड सस्पेंशन सिस्टम इसी तरह की गतिविधियों को नियंत्रित करता है।

पीआईबी फैक्ट चेक और कई मीडिया रिपोर्ट्स ने भी वीडियो को भ्रामक करार दिया है। वीडियो असली है, लेकिन संदर्भ गलत तरीके से पेश किया गया। रोपवे हर स्थिति में सुरक्षित है और सुरक्षा सबसे ऊपर है।

परियोजना की खासियतें:

  • लंबाई: लगभग 3.85 किमी
  • स्टेशन: कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा आदि
  • लागत: करीब 800-815 करोड़ रुपये
  • उद्देश्य: ट्रैफिक जाम कम करना, यात्रा समय 45 मिनट से घटाकर 15-16 मिनट करना

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। परियोजना मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।

 पीआईबी फैक्ट चेक, फाइनेंशियल एक्सप्रेस, इंडिया टुडे और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स, दिनांक: 7 जनवरी 2026)