February 20, 2026

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नहीं जाना होगा मुंबई, कैंसर संस्थान में शुरू होगी प्रोटॉन बीम थेरेपी, 750 करोड़ से होगी शुरुआत

Lucknow: No need to go to Mumbai, proton beam therapy to begin at Cancer Institute

चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में इलाज के लिए प्रोटॉन बीम थेरेपी की शुरुआत होगी। इस तकनीक में सिर्फ ट्यूमर पर हमला किया जाएगा। इससे स्वस्थ ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचता है। फिलहाल इसकी सुविधा देश में सिर्फ मुंबई के टाटा अस्पताल और चेन्नई के एक निजी अस्पताल में ही उपलब्ध हैकल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान की 12वीं शासी निकाय की बुधवार को लोकभवन में मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस दौरान संस्थान के कई अहम मुद्दे उठाए गए। प्रोटॉन बीम थेरेपी की बंकर समेत कीमत करीब 750 करोड़ रुपये होगी। यह विशेष रूप से बच्चों और जटिल, महत्वपूर्ण अंगों के करीब स्थित ट्यूमर के मामले में बेहद फायदेमंद है। रेडिएशन से होने वाला नुकसान इसमें बेहद कम होता है।

संस्थान में इसके साथ ही क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर की अनुमति दी गई। इसमें जटिल और उन्नत कैंसर उपचार के लिए समर्पित अत्याधुनिक तकनीक, उच्चस्तरीय विशेषज्ञता और बहुविषयक टीम एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। बैठक में ऑन्को-पैथोलॉजी में पोस्ट-डॉक्टरल सर्टिफिकेट कोर्स, गायनकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में एमसीएच पाठ्यक्रम शुरू करने पर सहमति बनी। पीएचडी के नए अध्यादेश को भी मंजूरी दी गई।

मिलेगा आधुनिक रेडियोलॉजी सुविधाओं का लाभ: संस्थान के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में टेली रेडियोलॉजी सेवाओं की अनुमति भी बैठक में दी गई। यहां एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे और डिजिटल मैमोग्राफी सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त एडवांस्ड कैंसर रिसर्च सेंटर की स्थापना, एडवांस्ड मॉलिक्यूलर लैब, सेंटर फॉर एडवांस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च फॉर कैंसर की ओर से अलग-अलग लैब जांच की कीमतों को भी मंजूरी दी गई। 

संस्थान रखेगा कैंसर के मरीजों का लेखा-जोखा

निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि बैठक में पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसमें लखनऊ के साथ ही पूरे प्रदेश में कैंसर के मामलों का लेखा-जोखा रखा जाएगा। इससे कैंसर के वास्तविक बोझ और कैंसर की वजह से होने वाली मौतों का सटीक आकलन किया जा सकेगा।
शिक्षकों के 31 नए पदों को मंजूरी: शासी निकाय ने संस्थान में शिक्षकों के 31 नए पदों के साथ ही 78 सीनियर और जूनियर रेजिडेंट की मंजूरी दी है। ये नियुक्तियां सर्जिकल, गायनकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसियोलॉजी आदि विभाग में होंगी।