February 20, 2026

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एसपीजी ने साढ़े तीन घंटे तक परखी पीएम की सुरक्षा व्यवस्था, कमांडो घेरे में सभास्थल

SPG monitored PM's security for three and a half hours, venue under commando cordon
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 फरवरी को प्रस्तावित मेरठ दौरे को लेकर बुधवार को एसपीजी कमांडो ने डेरा डाल दिया। मोहिउद्दीनपुर में जनसभा स्थल के बाद शताब्दीनगर और मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशनों के अलावा हेलिपैड का भी एसपीजी ने निरीक्षण किया। इस दौरान बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद थे।

बुधवार सुबह 10 बजे एसपीजी मेरठ पहुंच गई। एसपीजी के एडीजी एस सुरेश के साथ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, डीआईजी कलानिधि नैथानी , डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय के साथ एनसीआरटीसी के अधिकारी सबसे पहले शताब्दीनगर मेट्रो स्टेशन पहुंचे । एसपीजी के अधिकारियों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर जहां मेट्रो स्टेशन में प्रवेश और निकास द्वार के रास्तों की जांच की, वहीं मेट्रो स्टेशन पर उस स्थान को भी देखा, जहां से खड़े होकर पीएम नरेंद्र मोदी मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम नमो भारत ट्रेन में सवार होकर मेरठ साउथ तक की यात्रा करेंगे। यहां पर बारीकी से जांच करने के उपरांत टीम ने स्टेशन के पास ही बने हेलिपैड का भी निरीक्षण किया।

इसके बाद एसपीजी अधिकारियों की टीम दोपहर 12 बजे मेरठ साउथ स्टेशन पर पहुंची। टीम ने यहां पर एक घंटे तक सुरक्षा की दृष्टि से हर पहलुओं को जाना। एनसीआरटीसी के अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा भी की। इसके बाद एसपीजी और अधिकारियों का काफिला सीधे मोहिउद्दीनपुर में दोपहर 1:10 बजे इंटीग्रेटेड न्यू टाउन शिप में सभास्थल पर पहुंचा। टीम ने सभास्थल पर पांच हेलिपैड, सभा मंच, वीआईपी मार्ग के साथ लोगों के बैठने के स्थान से लेकर आम जनता के आने वाले रास्ते व वाहन पार्किंग का भी जायजा लिया। एसपी यातायात राघवेंद्र मिश्र ने के मुताबिक एसपीजी के एडीजी ने पीएम की सुरक्षा को लेकर जो दिशा निर्देश दिए हैं, उसी के अनुरूप काम किया किया जा रहा है। पीएम के संभावित आगमन वाले स्थलों को एसपीजी ने अपने घेरे में ले लिया है।

20 से एसपीजी पूरी तरह संभाल लेगी कमान
– पीएम की सुरक्षा में लगी एसपीजी और अन्य कई फोर्स 20 फरवरी से ही कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल लेगी। जिसमें एसपीजी, एटीएस, केंद्रीय व राज्य खुफिया एजेंसियां और उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान शामिल होंगे। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से बारीकी से निगरानी की जाएगी।