
मुबारकपुर निवासी मुहम्मद अरबी ने 16 जनवरी को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया था कि मदरसे में वर्ष 2016 में मौलवी मुफ्ती मोहम्मद रजा की नियुक्ति नियम विरुद्ध तरीके से की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिक्षक मूल रूप से नेपाल के निवासी हैं और उनकी विदेशी नागरिकता की जानकारी छिपाकर नियुक्ति की गई। इससे उन्हें सरकारी लाभ भी दिलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल ने जांच शुरू की। प्रबंध समिति को नोटिस जारी कर संबंधित शिक्षक के अभिलेख तलब किए गए। प्रबंधन ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को 31 जनवरी को ही अभिलेख और स्पष्टीकरण दे दिया।
2016 में हुई थी शिक्षक की नियुक्ति
यह भी बताया गया कि मोहम्मद रजा के अवैध तरीके से हिंदुस्तान का नागरिक होने की शिकायत गलत है, क्योंकि इस संबंध में कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है। जहां तक रोजगार का प्रश्न है तो भारत-नेपाल समझौता अमन व दोस्ती 1950 के तहत कोई भी नेपाली बिना वीजा के काम कर सकता है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इस रिपोर्ट को डीएम के पास भेज दिया है।
कई सवालों के अब भी जवाब नहीं
- क्या जांच में मदरसे में नियुक्त नेपाली शिक्षक की नागरिकता की जांच की गई?
- अगर की गई तो उसका जिक्र जांच रिपोर्ट में क्यों नहीं किया गया?
- नियम के तहत क्या भारत सरकार से इसकी अनुमति ली गई?
- अगर ली गई तो उसका प्रमाण पत्र कहां है?
क्या कहते हैं अधिकारी
शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर हमने जांच करने के लिए प्रबंधन से शिक्षक के अभिलेख और स्पष्टीकरण मांगे थे। उनका स्पष्टीकरण आ गया है। जांच कर रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। -वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी

More Stories
खोवा की आवक शुरू, रिफाइंड पाए जाने पर तीन को नोटिस
आसनों के साथ किया सूर्य नमस्कार
कैंपस प्लेसमेंट मेें 15 को 4.66 लाख का पैकेज